अब न चुप रहना है, न और इंतज़ार करना है
हालात है मुहिम के, ख़ुद को तैयार करना है
कोशिशें रंग लायेंगी, मिल के चलिए तो ज़रा
भगत, सुखदेव के सपने को साकार करना है
मुल्क की रौनक उड़ा न लें ये बेबाक़ परिन्दें
पर कुतरना है , इरादों को धारदार करना है
वक़्त है ये सही अपने इन्तखाब का दोस्तों
अपने अधिकार पे ही हमें अधिकार करना है
"अन्ना" जूनून हैं , काफिला है, सोच है अपनी
ज़र्रे ज़र्रे को इस काफिले में शुमार करना है
मिल के खाते हैं कसम हम आज इस मोड़ पे
न भ्रष्ट होना है, न कभी भ्रष्टाचार करना है
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